डिजिटल डिटॉक्स आवरः डिस्कनेक्ट टू रिकनेक्ट- लेस स्क्रीन, मोर फोकस’’ विषय पर संवादात्मक सत्र का आयोजन

डिजिटल डिटॉक्स आवरः डिस्कनेक्ट टू रिकनेक्ट- लेस स्क्रीन, मोर फोकस’’ विषय पर  संवादात्मक सत्र का आयोजन
 
कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के टीचिंग लर्निंग सेंटर द्वारा गैर शैक्षणिक कर्मचारियों हेतु डिजिटल उपकरणों के संतुलित उपयोग, कार्यस्थल पर एकाग्रता तथा स्वस्थ डिजिटल आदतों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘‘डिजिटल डिटॉक्स आवरः डिस्कनेक्ट टू रिकनेक्ट- लेस स्क्रीन, मोर फोकस’’ विषय पर  संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। सत्र की मुख्य वक्ता डॉ. रीमा श्रीवास्तव एवं डॉ. दीपा चौहान रही, जिन्होंने सत्र के प्रारंभ में  “फोन फ्री चैलेन्ज” के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों ने अपने मोबाइल फोन को साइलेंट मोड पर रखकर कुछ समय बिना डिजिटल व्यवधान के बिताया। इसके बाद प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित कर बिना मोबाइल के टीम का नाम रखने जैसी रचनात्मक गतिविधि कराई गई। गतिविधि के दौरान कर्मचारियों ने कार्य समय में मोबाइल फोन देखने की अपनी आदतों पर आत्मचिंतन किया और उन्हें कागज पर लिखा। “फोन हैबिट बींगो” गतिविधि के माध्यम से बार-बार फोन चेक करना, अनावश्यक रूप से स्क्रीन देखना, सोशल मीडिया/व्हाट्सअप ऐप्लिकेशन देखना तथा बिना किसी विशेष कारण फोन खोलने जैसी आदतों की पहचान की गई। इसके पश्चात “साइलेन्ट कम्युनिकेशन चैलेन्ज” आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बिना बोले और बिना मोबाइल फोन के दिए गए संदेशों को संकेतों के माध्यम से व्यक्त किया। साथ ही, प्रतिभागियों ने अपने खाली समय में किए जा सकने वाले सकारात्मक कार्य लिखे और डिजिटल डिस्ट्रैक्शन के प्रमुख कारणों पर चर्चा की। इस संपूर्ण गतिविधि का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से संपन्न हुआ, जिन्होंने कर्मचारियों के समग्र मानसिक स्वास्थ्य एवं कार्यक्षमता में वृद्धि हेतु ऐसी गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के अंत में माइंडफुल ब्रेक के अंतर्गत सरल श्वसन अभ्यास एवं हल्की स्ट्रेचिंग कराई गई। अंत में प्रत्येक प्रतिभागी ने “माय डिजिटल डेटॉक्स प्लेज़” के तहत डिजिटल उपकरणों के संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए एक व्यक्तिगत संकल्प लिया। सत्र में लगभग 45 गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने भाग लिया और बार-बार फोन देखने तथा डिजिटल माध्यमों से लगातार जुड़े रहने की आदतों पर थोड़ा विराम लगाने के महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।