‘क्रिएटिविटी एक्रॉस आर्ट एण्ड लिटरेचरः द पल्स ऑफ मोर्डन क्रिएटिविटी’’ विषय पर विचार संवाद सत्र का सफल आयोजन

यंग ऑथर्स क्लब ऑफ इंडिया के सहयोग से कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में ‘‘क्रिएटिविटी एक्रॉस आर्ट एण्ड लिटरेचरः द पल्स ऑफ मोर्डन क्रिएटिविटी’’ विषय पर एक विचार संवाद सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रख्यात कलाकार एवं बनस्थली विद्यापीठ के पूर्व डीन (फाइन आर्ट्स) प्रोफेसर देवकी नंदन शर्मा की स्मृति में आयोजित स्मृति व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत संपन्न हुआ। यह सत्र महाविद्यालय के आंतरिक मूल्यांकन आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कला-प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस संवाद सत्र का उद्देश्य आधुनिक समय में कला एवं साहित्य के बदलते स्वरूप और रचनात्मकता की भूमिका पर विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में अतिथियों का स्वागत करते हुए रचनात्मकता को शिक्षा का अभिन्न अंग बताया तथा विद्यार्थियों को कला और साहित्य के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. हेमंत शेष ने अपने उद्बोधन में कला और साहित्य के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए रचनात्मकता के महत्व को रेखांकित किया। विशिष्ट वक्ताओं में प्रो. भवानी शंकर शर्मा, प्रो. रेखा भटनागर तथा प्रो. अमिता राज गोयल शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने कला, संस्कृति और शिक्षा के माध्यम से रचनात्मकता के विकास पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी संयोजक डॉ. सारिका कौल के मार्गदर्शन में किया गया। अंत में महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने सत्र का समापन करते हुए सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन श्रोताओं एवं वक्ताओं के बीच एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से अपने जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। यह आयोजन न केवल प्रो. देवकी नंदन शर्मा की स्मृति को सम्मानित करने वाला रहा, बल्कि विद्यार्थियों को रचनात्मकता के विविध आयामों से भी प्रेरित करने में सफल रहा।