The Triple Planetary Crisis : Earth Day

कानोड़िया पी जी महिला महाविद्यालय, जयपुर के भूगोल विभाग द्वारा दिनांक 22 अप्रैल 2026 को पृथ्वी दिवस के अवसर पर ‘द ट्रिपल प्लेनेटरी क्राइसिस’ विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में एम.ए/ एम.एस.सी भूगोल सेमेस्टर प्रथम एवं चतुर्थ की छात्राओं द्वारा सेमिनार के विषय पर प्रदूषण, जैव विविधता का हास, ट्रिपल प्लेनेटरी क्राइसिस को समझने एवं डिजिटल एंथ्रोपोसीन, ब्लू कार्बन ब्लैक फ्यूचर, हरित क्रांति से लेकर प्लेनेटरी क्राइसिस तक एवं जैव भूगोल प्रभाव और कोरल ब्लीचिंग आदि विषयों पर पत्र पढ़े गये। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को कहा कि अपना कचरा अपनी जिम्मेदारी, और कचरे का निस्तारण समुचित तरीके से किया जाना चाहिए। विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम बागेश्वरी ने सेमिनार के विषय पर छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह विषय आज बहुत ही महत्वपूर्ण है और पृथ्वी दिवस पर इसकी महत्वता और भी बढ़ जाती है। ट्रिपल प्लेनेटरी क्राइसिस के परिणाम स्वरूप जूनोटिक बीमारियां बढ़ रही है और जिसका समाधान है संतुलित विकास करना जिससे कि पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके। इस अवसर पर विभाग की प्राध्यापिकाएँ डॉ. शीलू, डॉ. रेनू शक्तावत एवं आरती तंवर भी उपस्थित रही। कार्यक्रम के अंत में प्राध्यापिकाओं सहित छात्राओं ने इस अवसर पर शपथ ली की ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण धरती माता और आने वाली पीढियों के हित के लिए आवश्यक है और अपने दैनिक जीवन में सतत प्रथाओं को अपनाने का प्रण लिया।