NSS Seven Day Special Camp (27 Jan to 2 Feb, 2026)

कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर (27 जनवरी से 2 फरवरी 2026) का आज दिनांक 27 जनवरी, 2026 को लाल कुंडा बस्ती स्थित सामुदायिक केंद्र में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता, राज्य संपर्क अधिकारी (स्टेट लाइजिंग ऑफिसर), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक सेवा, अनुशासन एवं सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने छात्राओं से शिविर की सभी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय का उद्देश्य छात्राओं को केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से जागरूक, आत्मनिर्भर एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करती है। शिविर के पहले दिन स्वयंसेविकाओं द्वारा श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके अंतर्गत सामुदायिक केंद्र एवं आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक स्वच्छता अभियान में भाग लेते हुए समाज को स्वच्छता का संदेश दिया। इसी क्रम में बस्तीवासियों को सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन आयोजित होने वाले निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जाँच शिविर की जानकारी भी दी गई। शिविर के दौरान सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामुदायिक विकास से संबंधित विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। शिविर में 200 स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजयलक्ष्मी गुप्ता, डॉ. रेणु शक्तावत एवं चारूल शर्मा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

NSS Seven Day Special Camp

कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर (27 जनवरी से 2 फरवरी 2026) का आज दिनांक 2 फरवरी, 2026 को समापन किया गया। यह शिविर सेवा, समर्पण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को केंद्र में रखकर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य स्वयंसेविकाओं के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना तथा समाज के वंचित वर्गों तक निःशुल्क सेवाएँ पहुँचाना रहा। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. कृष्ण कुमार कुमावत, राज्य समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को समाज से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। साथ ही उन्होंने पर्यावरण व अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्ध होने के लिये प्रेरित किया व स्वयंसेविकाओं द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी समाज सेवा से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के शिविर छात्राओं में नेतृत्व, अनुशासन एवं सेवा भावना विकसित करते हैं, जो राष्ट्रनिर्माण की आधारशिला हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना छात्राओं को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर जीवन मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व का बोध कराती है। सात दिवसीय विशेष शिविर के माध्यम से स्वयंसेविकाओं ने समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को व्यवहारिक रूप में समझा है। उन्होंने कार्यक्रम में स्वयंसेविकाओं को सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने के लिये प्रेरित किया। शिविर के दौरान लाल कुंडा एवं जवाहर नगर की बस्तियों में स्वच्छता अभियान, श्रमदान, सामाजिक सर्वेक्षण, नुक्कड़ नाटक, नशा मुक्ति रैली, महिला स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जाँच शिविर तथा प्लास्टिक वेस्ट कलेक्शन ड्राइव जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। साथ ही नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क एवं गांधी वाटिका संग्रहालय के शैक्षणिक भ्रमण से स्वयंसेविकाओं में पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रप्रेम एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित हुई। समापन दिवस पर द डर्माजॉइंट को. क्लिनिक के सहयोग से आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर में डॉ. विजय पिलानिया एवं डॉ. संगीता सहारण द्वारा जोड़ों, त्वचा एवं बालों से संबंधित समस्याओं पर परामर्श प्रदान किया गया। समग्र रूप से यह सात दिवसीय विशेष शिविर स्वयंसेविकाओं में सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता के विकास में पूर्णतः सफल रहा तथा महाविद्यालय और समाज के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में स्थापित हुआ। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजयलक्ष्मी गुप्ता, डॉ. रेणु शक्तावत एवं चारूल शर्मा की सक्रिय भूमिका रही ।    

‘‘प्लास्टिक कचरा संग्रहण अभियान का आयोजन’’

कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) ईकाईओ द्वारा दिनांक  27 जनवरी से 2 फरवरी, 2026 तक आयोजित एन.एस.एस. के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत एक व्यापक प्लास्टिक कचरा संग्रहण अभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया । इस अभियान के अंतर्गत स्वयंसेविकाओं द्वारा 66 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया, जिसे पुनर्नवीनीकरण एवं पुनर्चक्रण हेतु बिसलेरी इंडिया लिमिटेड को सौंपा गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्राओं, स्टाफ एवं समाज में प्लास्टिक कचरे से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा यह संदेश देना था कि “यूज्ड प्लास्टिक कचरा नहीं है, बल्कि पुनः उपयोग योग्य संसाधन है।” अभियान में महाविद्यालय की छात्राओं के साथ-साथ समस्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ को भी अपने घरों से उपयोग की गई प्लास्टिक बोतलें, पॉलिथीन एवं अन्य प्लास्टिक सामग्री एकत्र कर अभियान में जमा करने के लिए प्रेरित किया गया। स्वयंसेविकाओं ने पोस्टर, नारे एवं स्लोगन के माध्यम से प्लास्टिक पुनर्चक्रण के महत्व को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। इस दौरान “यूज्ड प्लास्टिक को कचरे में न फेंके, उसे पुनः उपयोग में लाएं” जैसे प्रेरक नारे लगाए गए। एकत्रित प्लास्टिक सामग्री को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया, ताकि उसे उचित एवं वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण हेतु भेजा जा सके। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में प्लास्टिक बोतलें, पॉलिथीन एवं अन्य प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्रित किए गए, जिन्हें आगे पुनर्चक्रण केंद्र भेजने की व्यवस्था की गई। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि एन.एस.एस. सात दिवसीय विशेष शिविर के दौरान आयोजित यह अभियान छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में अत्यंत सफल रहा। इस पहल से न केवल प्लास्टिक कचरे में कमी आई, बल्कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी उठाया गया। महाविद्यालय की यह पर्यावरणीय पहल अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी तथा समाज में प्लास्टिक पुनर्चक्रण के महत्व को बढ़ावा देने में सहायक बनेगी। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजयलक्ष्मी गुप्ता, डॉ. रेणु शक्तावत एवं चारूल शर्मा की भूमिका रही ।