राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, किशनगढ़ ने अपने ऑनलाइन कोर्सेज के लिए कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में लर्नर सपोर्ट सेंटर की स्थापना करने के लिये दिनांक 30 जुलाई, 2026 को एमओयू पर हस्ताक्षर किये। एनईपी-2020 के प्रावधानों के तहत विद्यार्थी एक साथ दो डिग्री (जिसमें से एक डिग्री ऑनलाइन होंगी) भी ले सकते है। केंद्रीय विश्वविद्यालय के ऑनलाइन कोर्सस ¼ODL½ में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन, अध्ययन सहयोग एवं विद्यार्थी-केंद्रित सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में केन्द्रीय विश्वविद्यालय का प्रथम लर्नर सपोर्ट सेंटर की स्थापना की जाएगी। एमओयू पर श्री अमरदीप शर्मा, रजिस्ट्रार, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान तथा डॉ. सीमा अग्रवाल, प्राचार्या, कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर ने हस्ताक्षर किए। यह कार्यक्रम प्रो. आनंद भालेराव, माननीय कुलपति, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान एवम् डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, निदेशक, कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर की प्रेरणादायी मार्गदर्शक भूमिका के साथ संपन्न हुआ। यह लर्नर सपोर्ट सेंटर विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन, मेंटरिंग, अध्ययन सहयोग तथा अन्य विद्यार्थी-केंद्रित सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि जयपुर में यह प्रथम लर्नर सपोर्ट सेंटर स्थापित किया गया है, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अवसर पर प्रो. ओम प्रकाश देवल, निदेशक ¼ODL½सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान, प्रो. डी.सी. शर्मा, डीन अकादमिक्स, प्रो. परवीन साहू, डीन, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स, तथा डॉ. जयंती गोयल, समन्वयक सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रो. आनंद भालेराव, माननीय कुलपति के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया, जिनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं दूरदर्शी सोच ने इस पहल को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही प्रो. ओम प्रकाश देवल एवं डॉ. रश्मि चतुर्वेदी के निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन के लिए भी आभार व्यक्त किया गया। कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय एवं सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के मध्य यह सहयोग विद्यार्थियों के सशक्तिकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समावेशी अधिगम एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक पहल है।