DAKSH 2026

कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय के कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज विभाग एवं नारिका इनक्यूबेेशन सेंटर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय (1 से 3 अक्टूबर, 2026) वार्षिक उत्सव ‘दक्ष 2026’ का आज दिनांक 1 अक्टूबर, 2026 को ‘अर्थ, पीपुल, फ्यूचर टूगेदर फॉर ए सस्टैबल टूॅमारो’ थीम के साथ शुभारंभ हुआ। यह आयोजन महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया। महाविद्यालय  प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने स्वागत संबोधन करते हुए सभी का स्वागत किया। विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में पृथ्वी, प्रकृति और समाज के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार दृष्टिकोण विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। प्रो. शुभा दुबे विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि ने विषय की महत्ता एवं वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं के लिए ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विषय के प्रति जागरूकता, व्यावहारिक समझ एवं जिम्मेदार दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छात्राओं ने ‘जनरेशन गैप’ विषय पर नुक्कड़ नाटक द्वारा बदलती पीढ़ियों के बीच संवाद, सोच और समझ के अंतर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रथम सत्र में हैल्दी डाइट विषय के अंतर्गत टीम लोकल रेवेरंस के सदस्यों डॉ. वंदना गर्ग, डॉ. दीपिका शर्मा एवं डॉ. अर्पणा इंदौरिया ने छात्राओं को स्वस्थ एवं संतुलित आहार, पोषण संबंधी जागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने दैनिक जीवन में सही खान-पान को अपनाने तथा पोषण को लेकर जागरूक रहने का संदेश दिया। दूसरे सत्र में डॉ. ऋचा चतुर्वेदी, विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज विभाग द्वारा “मीट आरोही न्यूट्रीशियन प्रिवेशन एडं मेनेजमैंट ऑफ पीसीओएस विषय पर जानकारीपूर्ण सत्र आयोजित किया गया। सत्र में पीसीओएस की रोकथाम एवं प्रबंधन में पोषण और जीवनशैली की भूमिका पर प्रकाश डाला गया तथा छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही पर्यावरण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश देने वाली “ फॉरएवर ग्रीन” नामक एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई। फिल्म के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य की आवश्यकता को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में ‘टेस्ट ऑफ ट्रेडिशन’ प्रतियोगिता भी रही। इसमें छात्राओं ने विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों को प्रस्तुत कर भारतीय खान-पान की समृद्ध परंपरा एवं क्षेत्रीय विविधता को प्रदर्शित किया। प्रतियोगिता ने पारंपरिक व्यंजनों के संरक्षण और नई पीढ़ी को अपनी खाद्य संस्कृति से जोड़ने का सुंदर संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की छात्राओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉल्स भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। स्टॉल्स पर छात्राओं की रचनात्मकता, उद्यमिता एवं प्रबंधन कौशल देखने को मिला।

वार्षिक उत्सव ‘दक्ष 2026’ भव्य समापन समारोह

वार्षिक उत्सव ‘दक्ष 2026’ भव्य समापन समारोह
 

कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज विभाग एवं नारिका इनक्यूबेेशन सेंटर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय (1 से 3 अक्टूबर, 2026) वार्षिक उत्सव ‘दक्ष 2026’ ‘अर्थ, पीपुल, फ्यूचर टूगेदर फॉर ए सस्टैबल टूॅमारो’ थीम पर आज दिनांक 3 अक्टूबर, 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन प्रेरणा एवं सहयोग से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। समापन समारोह की मुख्य अतिथि प्रो. निमाली सिंह, कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज विभाग, पूर्व प्राचार्य, महारानी कॉलेज रहीं। इस अवसर पर श्रीमती अर्चना भाटिया, ट्रेज़रर, नारायणी फ़ाउंडेशन तथा श्री आनंद मणि शुक्ला, अमृतांश फ़ाउंडेशन भी विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि प्रो. निमाली सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ऐसे आयोजनों को व्यक्तित्व विकास, व्यावहारिक सीख और आत्मविश्वास निर्माण का प्रभावी माध्यम बताया। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञ सत्र तथा रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। “कहानी कहने की कलाः प्रभावी संवाद का माध्यम” विषय पर डॉ. तबीना अंजुम ने पत्रकारिता, सोशल मीडिया या कहानी कहने, किसी भी क्षेत्र में प्रभावी कथावाचन और रिपोर्टिंग के लिए आवश्यक गुणों की चर्चा की।  सेफ़्टिपिन फाउण्डेशन की प्रज्ञा यादव एवं शिवानी सिंघल ने महिला सुरक्षा, व्यक्तिगत विकास, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और भविष्य के यारा एप के द्वारा चर्चा की। अंतर-महाविद्यालययी प्रतियोगिताओं में “फ़ास्ट फ़ैशनः क्या यह सचमुच सस्ता है?” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता, फ़ेस पेंटिंग एवं जस्ट अ मिनट का आयोजन हुआ‘‘। ‘‘डॉन्ट बेन्ड यॉर स्पाइन’’ विषय पर, एर्गोनॉमिक्स केंद्रित लैंडस्केप आर्किटेक्ट जिगीशा दवे ने सत्र लिया। सत्र में दैनिक जीवन में एर्गोनॉमिक्स की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में आयोजित अंतर-महाविद्यालययी फ़ैशन शो का विषय “भारत की नारी” रहा। जीपीईएम विभाग द्वारा “वेव्स ऑफ़ चेंजेस” शीर्षक से एक विशेष फ़ैशन शो प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के अंतर्गत “यू वर्सेस अस” शीर्षक का एक नुक्कड़ नाटक तथा “हिप्नोसिस” शीर्षक पर एक नृत्य प्रस्तुति हुई। बी.एससी. कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज़ की छात्रा कनिका कुमावत और डिंपल वेदवाल को अमृतांश फ़ाउंडेशन की एक पहल के अंतर्गत किए गए प्रोजेक्ट के लिए सम्मानित किया गया। नारिका इन्क्यूबेशन सेंटर द्वारा लगभग 30 विद्यार्थी स्टॉल लगाए गए। इस महोत्सव को इसके प्रायोजक नारायनी फ़ाउंडेशन और अमृतांश फ़ाउंडेशन का सहयोग प्राप्त हुआ। समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी रहीं छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। “12 नोट्स” शीर्षक की ऊर्जावान बैंड प्रस्तुति के साथ हुआ।