विषम परिस्थितियों में अनुसंधान एवं भारतीय अंटार्कटिक अनुसंधान कार्यक्रम पर व्याख्यान आयोजित

विषम परिस्थितियों में अनुसंधान एवं भारतीय अंटार्कटिक अनुसंधान कार्यक्रम पर व्याख्यान आयोजित कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा दिनांक 12 अगस्त, 2026 को इंडियन वूमेन साइंटिस्ट्स एसोसिएशन (आई डब्लू एस ए), अजमेर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘विषम परिस्थितियों में अनुसंधानः भारतीय अंटार्कटिक अनुसंधान कार्यक्रम एवं महिला वैज्ञानिकों का योगदान’’ विषय पर लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. एम. के. पंडित, महाराजा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य रहे। मुख्य वक्ता ने  अपने व्याख्यान में भारतीय अंटार्कटिक अनुसंधान कार्यक्रम की उपलब्धियों, अंटार्कटिका में अत्यंत विषम परिस्थितियों के बीच किए जाने वाले वैज्ञानिक अनुसंधानों तथा जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में इनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से अंटार्कटिक अभियानों एवं वैज्ञानिक अनुसंधानों में महिला वैज्ञानिकों के उल्लेखनीय योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय महिला वैज्ञानिक अपने उत्कृष्ट शोध कार्यों से वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में महत्वपूर्ण पहचान बना रही हैं। महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. सीमा अग्रवाल ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे व्याख्यान छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान के प्रति रुचि तथा विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। डाॅ. आषा सक्सेना, सदस्य (आई डब्लू एस ए) ने छात्राओं को इंडियन वूमेन साइंटिस्ट्स एसोसिएशन के बारे में जानकारी दी तथा एसोसिएषन के विज़न एवं मिशन से अवगत कराया एवं छात्राओं को अनुसंधान के लिए प्रेरित किया। डाॅ. प्रमा सोलोमन ने प्रो. एम के पंडित का अकादमिक उपलब्धियों तथा अनुसंधान में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में डाॅ. रंजुला जैन, उप-प्राचार्य एवं डाॅ. रंजना अग्रवाल, उप-प्राचार्य, संयोजक डाॅ. सुनीता शेखावत, विभाग की प्राध्यापिकाओं सहित शोधार्थियों एवं लगभग 100 छात्राओं ने व्याख्यान का लाभ उठाया। अंत में अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।