17 जनवरी, 2026 को कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर जीपीईएम एवं गृहविज्ञान विभाग द्वारा छात्राओं की रचनात्मकता और डिज़ाइन कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “फैशन क्रोकीः इल्लस्ट्रेशन एवं फैब्रिक रेंडरिंग” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों के द्वारा तकनीकी दक्षता के साथ-साथ रचनात्मक सोच और सटीकता को बढ़ावा मिलता है। कार्यशाला की सत्र विशेषज्ञ अपर्णा यादव, फैशन डिज़ाइन विशेषज्ञ, इल्लस्ट्रेटर और विज़ुअल डिज़ाइनर ने फैशन इल्लस्ट्रेशन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इल्लस्ट्रेशन केवल वस्त्र की सुंदरता दिखाने का माध्यम नहीं है, बल्कि कपड़े की बनावट, सामग्री की गुणवत्ता, रंग और डिज़ाइन की सटीकता को पेश करने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने यह भी साझा किया कि एआई आधारित डिज़ाइनिंग के युग में भी मानव रचनात्मकता और तकनीकी समझ की भूमिका अपरिहार्य है। कार्यशाला के दौरान छात्राओं को स्टिक फिगर और विभिन्न पोज़ बनाना, शरीर के माप और अनुपात लेना, चेहरे के विवरण जैसे आंखें, गाल, नाक, कान, बाल और गर्दन को सही ढंग से चित्रित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा, फैशन क्रोकी तैयार करने और फैब्रिक रेंडरिंग में सटीकता बनाए रखने के महत्व को भी समझाया गया। विभिन्न रंग माध्यमों जैसे स्टेडलर और वॉटर कलर का उपयोग करके फैब्रिक रेंडरिंग का भी प्रदर्शन किया, जिससे छात्राओं को कपड़े की बनावट और टेक्सचर को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिली। इस कार्यशाला में छात्राओं को फैशन इलस्ट्रेशन, क्रोकी विकास और फैब्रिक रेंडरिंग के व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराया और रचनात्मक विचारों को चित्रित करने में मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में 32 छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने रचनात्मक कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यशाला का संचालन डॉ. सुरभि माथुर, सहायक आचार्य, ईएएफएम विभाग द्वारा किया गया।