प्राकृतिक पत्तियों से छात्राओं ने सीखी पर्यावरण-अनुकूल लीफ हैमर प्रिंटिंग तकनीक
दिनांक 18 सितंबर, 2026 को कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में जीपीईएम विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए ‘नेचर इम्प्रिंट्सः लीफ हैमर प्रिंटिग ऑन फेब्रिक’ विषय पर हैंड्स-ऑन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के रचनात्मक एवं पर्यावरण-अनुकूल उपयोग से परिचित कराना था। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों के द्वारा तकनीकी दक्षता के साथ-साथ रचनात्मक सोच और सहानुभूति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के उपयोग पर जोर दिया। कार्यशाला में छात्राओं को प्राकृतिक फूल तथा पत्तियों की सहायता से कपड़े पर प्रिंट तैयार करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। छात्राओं ने सफेद सूती टी-शर्ट, शर्ट, कुर्ता, दुपट्टा एवं अन्य सूती वस्त्रों पर फूल तथा पत्तियों को रखकर हथौड़े की सहायता से उनके प्राकृतिक रंग एवं आकृतियों को कपड़े पर स्थानांतरित किया। इस तकनीक में कृत्रिम फैब्रिक कलर का उपयोग नहीं किया गया। कार्यशाला में कुल 40 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला की विशेषज्ञ डॉ. सुरभि माथुर, सहायक आचार्य, ईएएफएम तथा जीपीईएम विभाग तथा श्रीमती पापिया बनर्जी, सहायक आचार्य, जीपीईएम विभाग ने छात्राओं को हैमर प्रिंटिंग तकनीक की बारिकियों को समझाते हुए उनका मार्गदर्शन किया। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में सस्टेनेबल टेक्सटाइल प्रैक्टिस तथा प्राकृतिक संसाधनों के रचनात्मक उपयोग के प्रति जागरूकता विकसित हुई।