नारिका इन्क्यूबेशन सेंटर के अंतर्गत भौतिकी विभाग की प्रयोगशाला में दिनांक 27 अगस्त, 2026 को एक वैज्ञानिक प्रयोग सम्पन्न किया गया।

कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के नारिका इन्क्यूबेशन सेंटर के अंतर्गत भौतिकी विभाग की प्रयोगशाला में दिनांक 27 अगस्त, 2026 को एक वैज्ञानिक प्रयोग सम्पन्न किया गया। यह प्रयोग डॉ. लाल बहादुर, वैज्ञानिक एवं क्रितिका रिसर्च डायनेमिक्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक द्वारा किया गया। प्रस्तावित प्रयोगात्मक अवधारणा के अंतर्गत लौह-आधारित एंटी-मेटल पदार्थ को नियंत्रित परिस्थितियों में क्रमशः उच्च तापमान तक गर्म किया गया तथा तापीय ऊर्जा के प्रभाव से उसमें होने वाले संभावित भौतिक एवं संरचनात्मक परिवर्तनों का अवलोकन करने का प्रयास किया गया। अध्ययन में ऊर्जा आपूर्ति के कारण पदार्थ की ऊर्जा अवस्था में परिवर्तन तथा प्रोटॉन की अवस्था पर संभावित प्रभाव की परिकल्पना को परीक्षण के स्तर पर लिया गया। विशेष रूप से, उपयुक्त परिस्थितियों में प्रोटॉन के एक पदार्थ से दूसरे पदार्थ की ओर संभावित स्थानांतरण की अवधारणा का अध्ययन प्रस्तावित किया गया। उन्होंने इस प्रक्रिया के वैज्ञानिक परीक्षण के लिए प्रत्यक्ष मापन और प्रयोगात्मक आंकड़ों की आवश्यकता पर बल दिया। प्रयोग के दौरान पारा, गंधक, कॉपर सल्फेट एवं लौह-आधारित पदार्थों के ऊष्मीय व्यवहार में परिवर्तन देखे गये। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने इस प्रकार के प्रयोगात्मक एवं नवाचारपरक कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान अभिरुचि और रचनात्मक सोच के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। समग्र रूप से यह प्रयोग विज्ञान, नवाचार, अनुसंधान एवं व्यावहारिक शिक्षा के बीच प्रभावी सेतु स्थापित करने वाला ज्ञानवर्धक प्रयास रहा। प्रयोग का संचालन संस्थागत अनुमति, विशेषज्ञ पर्यवेक्षण तथा निर्धारित प्रयोगशाला सुरक्षा, रासायनिक प्रबंधन एवं अपशिष्ट-निपटान मानकों को ध्यान में रखते हुए किया गया।