तीन दिवसीय कार्यशाला में छात्राओं ने सीखा नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता का हुनर
कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) एवं नारिका इन्क्यूबेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 15 से 17 सितम्बर, 2026 को छात्राओं में उद्यमशील मानसिकता, नवाचार, रचनात्मकता एवं समस्या-समाधान कौशल विकसित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पारंपरिक कक्षा शिक्षण से आगे ले जाकर अनुभवात्मक अधिगम के माध्यम से उद्यमिता की अवधारणाओं को समझाना था। कार्यशाला में टाइटन फिल्म को एक प्रभावी शिक्षण माध्यम के रूप में उपयोग किया गया। फिल्म की कहानी एवं व्यावसायिक यात्रा से प्रेरणा लेते हुए छात्राओं ने जाना कि किस प्रकार एक विचार को रचनात्मक सोच, निरंतर प्रयास, समस्या-समाधान एवं नवाचार के माध्यम से एक सफल ब्रांड में परिवर्तित किया जा सकता है। तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने विभिन्न विचार-मंथन, नए विचारों का सृजन, लीक से हटकर सोचने तथा समस्या-समाधान संबंधी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। रोचक एवं सहभागिता पूर्ण गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को अपनी सोच को नए दृष्टिकोण से देखने तथा समस्याओं के लिए अभिनव समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया गया।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं की सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का अनुभवात्मक अधिगम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच एवं नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने छात्राओं को निरंतर नवीन एवं रचनात्मक सोच विकसित करने, समस्याओं को अवसर के रूप में देखने तथा अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रेरित किया।कार्यशाला की मूल्यांकनकर्ता एवं समीक्षक डॉ. विष्णु प्रिया टेमाणी, इनोवेशन एम्बेसडर, आईआईसी, रहीं। समापन सत्र में छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। छात्राओं ने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक, रोचक, मनोरंजक एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया।