कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर सदैव छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इसी उद्देश्य को सुदृढ़ बनाने हेतु महाविद्यालय की आन्तरिक शिकायत समिति द्वारा कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम 2013 के अंतर्गत छात्राओं को जागरूक करने हेतु 24 जनवरी, 2026 को एक सफल सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. रेणुका पामेचा ने छात्राओं को यौन उत्पीड़न से संबंधित कानूनों, महिलाओं के अधिकारों, शिकायत प्रक्रिया तथा सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने विशाखा दिशानिर्देशों तथा कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 (पॉश एक्ट) से संबंधित विधेयक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान यौन उत्पीड़न की परिभाषा, महिलाओं एवं छात्राओं के समानता और स्वतंत्रता से जुड़े अधिकार, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका तथा दोषियों के विरुद्ध किए जाने वाले दंडात्मक प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने समानता और स्वतंत्रता के अधिकारों के बारे में बताया। साथ ही छात्राओं को समान रूप से गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर, सजग और सतर्क रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, किसी भी प्रकार की अनुचित घटना के विरुद्ध निडर होकर आवाज़ उठाने तथा उपलब्ध संस्थागत सहायता प्रणालियों का उपयोग करने हेतु प्रेरित किया साथ ही उन्होने बताया कि यह पहल महाविद्यालय में छात्राओं के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं सहयोगात्मक वातावरण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने यौन उत्पीड़न से संबंधित विषयों, महिलाओं के अधिकारों, गरिमा हैल्पलाइन, निर्भया स्क्वॉड तथा आत्मरक्षा एवं जागरूकता से जुड़े प्रशिक्षण सत्रों में रुचि व्यक्त की। सत्र में महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओं सहित लगभग 150 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में उप-प्राचार्य डॉ. मनीषा माथुर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।