“एट्टोसेकंड साइंसः फ्लैश ऑफ टाइम” विषय पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन
कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के भौतिकी विभाग द्वारा इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आई.आई.सी.) के सहयोग से “एट्टोसेकंड साइंसः फ्लैश ऑफ टाइम” विषय पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें एट्टो फिज़िक्स की मूल अवधारणा और उसके वैज्ञानिक महत्व को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. सरला शर्मा ने मुख्य वक्ता डॉ. प्राची वेंकट का स्वागत किया। डॉ. प्राची वेंकट, राष्ट्रीय पोस्ट डॉक्टरल फेलो, भौतिकी विभाग, आईआईटी बॉम्बे ने बताया कि एट्टोसेकंड (10⁻18 सेकंड) समय की वह अत्यंत सूक्ष्म इकाई है, जिसमें इलेक्ट्रॉनों की गति को प्रत्यक्ष रूप से अध्ययन किया जा सकता है। उन्होंने समझाया कि एट्टो फिज़िक्स आधुनिक भौतिकी का एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसने परमाणु और अणु स्तर पर होने वाली प्रक्रियाओं को समझने की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन किए हैं। डॉ. वेंकट ने यह भी उल्लेख किया कि एट्टोसेकंड विज्ञान के क्षेत्र में किए गए अभूतपूर्व शोध कार्यों के लिए वर्ष 2023 में भौतिकी नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया, जिससे इस क्षेत्र की वैश्विक वैज्ञानिक प्रासंगिकता सिद्ध होती है। व्याख्यान के दौरान छात्राओं को अल्ट्राफास्ट लेज़र तकनीक, इलेक्ट्रॉन डायनेमिक्स तथा एट्टोसेकंड पल्सेस के अनुप्रयोगों से अवगत कराया गया। प्रश्नोत्तर सत्र में छात्राओं ने एट्टो फिज़िक्स से संबंधित अनेक जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं, जिनका संतोषजनक समाधान किया गया। कार्यक्रम में भौतिकी एवं रसायन विज्ञान विभाग की लगभग 40 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। व्याख्यान को अत्यंत ज्ञान वर्धक एवं प्रेरणादायक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।