कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर द्वारा पर्यटन एवं वन्यजीव सोसाइटी ऑफ इंडिया के सहयोग से दिनांक 2 मई 2026 को “जयपुर के नागरिकों को पक्षियों से क्या प्राप्त होता है तथा नागरिक पक्षियों को क्या लौटाते हैं” विषय पर एक जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर द्वारा पर्यटन एवं वन्यजीव सोसाइटी ऑफ इंडिया के सहयोग से दिनांक 2 मई  2026 को “जयपुर के नागरिकों को पक्षियों से क्या प्राप्त होता है तथा नागरिक पक्षियों को क्या लौटाते हैं” विषय पर एक जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय में किया गया, जिसमंे सर्वेक्षण करवाने तथा उसके विश्लेषण करने का कार्य महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्राध्यापिकाओं के निर्देशन में किया जायेगा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पक्षियों के पारिस्थितिक महत्व एवं जैव विविधता संरक्षण में नागरिकों की भूमिका के प्रति जागरूक करना था। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने अपने संबोधन में सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भविष्य को सुरक्षित और संतुलित बनाने हेतु वनों एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
सत्र के दौरान एक इंटरैक्टिव सर्वे गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं ने आसपास के क्षेत्रों में पाये जाने वाले विभिन्न पक्षियों की पहचान की तथा उनके संरक्षण के उपायों पर चर्चा की। इस गतिविधि ने छात्राओं में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम को और अधिक समृद्ध बनाया प्रख्यात फिल्म निर्माता एवं वन्यजीव फिल्मकार सुब्बैया नल्लामुथु (नल्ला) ने, जो रॉयल बंगाल टाइगर पर अपने कार्य के लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हैं। उन्होंने अपनी डॉक्यूमेंट्री के तीन प्रेरणादायक क्लिप प्रस्तुत किए, जिनसे वन्यजीव संरक्षण के प्रति गहरी समझ विकसित हुई। इस अवसर पर पर्यटन एवं वन्यजीव सोसाइटी ऑफ इंडिया के सदस्यों की उपस्थिति भी रही, साथ ही स्वयंसेवकों की एक टीम, जिसका नेतृत्व श्री हर्षवर्धन कर रहे थे, ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सत्र में, कुल 72 छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की।