कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 1 सितंबर 2026 को नेत्रदान जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।

कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 1 सितंबर 2026 को नेत्रदान जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेविकाओं को नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा समाज में नेत्रदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों एवं संकोच को दूर कर अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करना था। सत्र के दौरान ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक वीडियो के माध्यम से स्वयंसेविकाओं को नेत्रदान के महत्व, इसकी प्रक्रिया तथा इससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलावों के बारे में जानकारी दी गई। वीडियो के माध्यम से यह संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया कि “नेत्रदान महादान” है और मृत्यु के पश्चात नेत्रदान के माध्यम से किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में प्रकाश लाया जा सकता है। स्वयंसेविकाओं को यह भी समझाया गया कि नेत्रदान केवल एक व्यक्ति की दृष्टि लौटाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य है। इस सत्र का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी एवं आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान की सदस्य डॉ. आंचल पुरी द्वारा किया गया। उन्होंने स्वयंसेविकाओं को नेत्रदान के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें इस सामाजिक एवं मानवीय कार्य के लिए स्वयं आगे आने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरित करने का संदेश दिया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने इस प्रकार के जागरूकता सत्रों की सराहना करते हुए कहा कि नेत्रदान एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक एवं मानवीय कार्य है। प्रत्येक व्यक्ति को नेत्रदान के महत्व को समझते हुए इसके लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से समाज में नेत्रदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित की जा सकती है और अनेक दृष्टिहीन लोगों के जीवन में नई रोशनी लाई जा सकती है। इस अभियान में कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. विजय लक्ष्मी गुप्ता,  डाॅ. मंजरी भारद्वाज, डाॅ. दीप्ति चौहान, डाॅ. हर्षा शर्मा एवं चारुल शर्मा की सक्रिय भूमिका रही ।