“राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों हेतु राजस्थान सरकार द्वारा राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित”

राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों हेतु राजस्थान सरकार द्वारा राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित
 
दिनांक 24 मार्च, 2026 को कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों हेतु राजस्थान सरकार के कॉलेज शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान महाविद्यालय को समाज-सेवा, जन-जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। राज्य स्तरीय आयोजित समारोह में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा द्वारा प्रशस्ति-पत्र दिया किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संगठन मंत्री माननीय श्री महेंद्र कपूर, कॉलेज शिक्षा राजस्थान सरकार के संयुक्त निदेशक (अकादमिक) विजय सिंह जाट, राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक, एस पी भटनागर, राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य समन्वयक कृष्ण कुमार कुमावत उपस्थित रहे। वर्ष 1971 से संचालित इस योजना के माध्यम से महाविद्यालय ने “स्वयं से पहले आप’’ के मूल मंत्र को अपनाते हुए समाजोपयोगी कार्यों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाई है। सत्र 2024-25 में महाविद्यालय की चार राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों में पंजीकृत 400 स्वयंसेविकाओं ने स्वास्थ्य जागरूकता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल साक्षरता एवं आपदा प्रबंधन जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। इस दौरान रक्तदान शिविर, महिला स्वास्थ्य जांच, नशा-मुक्ति अभियान एवं कैंसर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। साथ ही, 5000 से अधिक व्यक्तियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण प्रदान कर जीवन-रक्षक कौशल का प्रसार किया गया। पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान में 11,000 पौधों का वृक्षारोपण किया गया। ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ अभियान के तहत लगभग 1000 किलोग्राम प्लास्टिक अपशिष्ट का संग्रह कर ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ की अवधारणा को साकार किया गया। इसके अतिरिक्त ‘स्वच्छ जयपुर-ग्रीन जयपुर’ अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर सफाई एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सामाजिक समावेशन की दिशा में गोद ली गई कच्ची बस्ती में निःशुल्क कंप्यूटर केंद्र संचालित कर पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को डिजिटल साक्षरता से जोड़ा गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “यह प्रतिष्ठित पुरस्कार हमारी स्वयंसेविकाओं के समर्पण, अनुशासन और सेवा-भाव का परिणाम है। यह सम्मान हमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक निष्ठा के साथ निभाने के लिए प्रेरित करेगा।” इसके साथ ही भविष्य में भी समाज के हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। यह सम्मान महाविद्यालय की उत्कृष्ट कार्यशैली एवं सामाजिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।